मुझे लगता था जो दिल है, वहीं बस खा गये धोखा ये तेरे ग़म की महफ़िल है, यहीं बस खा गये धोखा जो कहते थे ये तेरा है, वो अब हैं कहाँ जाने मेरा ना मुझमें कुछ भी है कहो किसकी सलाह माने जिसे सोचा था मंज़र इश्क़ का वोहि फ़ना सा है उसी मंज़र की राहों में कहीं दलदल बना सा है उसी को समझे मंज़िल है, यहीं बस खा गये धोखा मुझे लगता था जो दिल है, वहीं बस खा गये धोखा चलो इस बार फिर हम हो गए क़ुर्बान मानो तुम ये दिल है चीज़ क्या, रख लो मेरी जान मानो तुम मगर है आख़िरी ख़्वाहिश की ना दीदार तेरा हो मेरे जानिभ ना हरगिज़ इस जनम में प्यार तेरा हो है ये आसाँ या मुश्किल है, वहीं बस कहा गए धोखा मुझे लगता था जो दिल है, वहीं बस खा गये धोखा कभी आना मेरे कमरे में एक दीवार छोड़ी है कहीं तस्वीर है तेरी कहीं दरार थोड़ी है वहीं शर्राफो में तेरी जफ़ा की जो कहानी है इनहि तस्वीरों के आगे कभी सुननी सुनानी हैं मगर साँसे ही बुज़दिल हैं, यहीं बस खा गए धोखा मुझे लगता था जो दिल है, वहीं बस खा गये धोखा ये तेरे ग़म की महफ़िल है, यहीं बस खा गये धोखा