सपनों मे भी नहीं देखा जो कभी तुमने ,

मैंने उसे हकीकत में देखा है...।



ऐ मेरा हमनवा,

मैंने तुझे राधा में और मुझे हर बार कृष्ण की तस्वीर में देखा है...।।