–तुझे सजाने के लिए ऐ-जिंदगी जीना भी भूल जाऊंगा।



(अवारा हवा का झोंका हूँ, आ निकला हूँ पल-दो-पल के लिए Lyrics)


कर लो मेहनत बेटा अब तुम,

पा लोगे सफर जीवन के लिए।

कर लो मेहनत बेटा अब तुम....

कर लो मेहनत बेटा अब तुम

पा लोगे सफर जीवन के लिए।


    मेहनत में अपनी कोई कसर ना छोड़ेंगे

    मेहनत में अपनी कोई कसर ना छोड़ेंगे

   तुझे सजाने के लिए ऐ-जिंदगी जीना भी भूल जाएंगे

   तुम आज जितनी चाहे हमारी हँसी उड़ाओ

    कल तो अफसर बन कर ही दिखाएंगे।


 


पा लोगे सफर जीवन के लिए

पा लोगे सफर जीवन के लिए।    


    वेटर बनकर IAS अंसार शेख बन जाऊंगा       

 या, कुत्ते को टहलाकर IPS मनोज शर्मा      

 निकम्मों की मौत गंवारा नहीं मुझे    

     चाहे, दधीचि बन हड्डियां भी गला जाऊंगा

 तुझे सजाने के लिए ऐ-जिंदगी जीना भी भूल जाऊंगा।


पा लोगे सफर जीवन के लिए

पा लोगे सफर जीवन के लिए।

 कर लो मेहनत बेटा अब तुम, 

पा लोगे सफर जीवन के लिए

पा लोगे सफर जीवन के लिए

गंभीर लिए न इस पल को

कल रोओगे उस पल के लिए।

कल रोओगे उस पल के लिए।


 


त्याग और तपस्या कुछ भी नहीं...

त्याग और तपस्या कुछ भी नहीं

एक बार इशारा तो कर दे

एक बार इशारा तो कर दे।


  अगर कभी हारकर सब छोड़ने की सोचूं

  अगर कभी हारकर सब छोड़ने की सोचूं

  तो तुम जामवंत बनकर आ जाना  

और हनुमान से कह देना “का चुप साधि रहा बलवाना”

  मेरी काबिलियत से मेरा परिचय करा देना

 और फिर देखना मेरी रफ्तार को....


   


एक बार इशारा तो कर दे 

एक बार इशारा तो कर दे

मैं खुद को तपा भी सकता हूँ

मैं खुद को तपा भी सकता हूँ

जिंदगी स्वर्ण करने के लिए!


 


कर लो मेहनत बेटा अब तुम

पा लोगे सफर जीवन के लिए 

पा लोगे सफर जीवन के लिए

गंभीर लिए न इस पल को 

कल रोओगे उस पल के लिए

कल रोओगे उस पल के लिए।।


   धन्यवाद।   


               ~आशीष त्रिपाठी ‛रुद्रांश’