दीपो पे दीप जले रात कभी न काली हो
अंधकार मिट प्रकाश भरी की दीवाली हो
इतने हिय से दीप जले, नभ तक छाई लाली हो
अन्य धन की बर्षा हो, न खाली किसी थाली हो
मन मस्तिष्क के द्वेष मिटे, भरी सभी की झोली हो
खुशियों भरी एक सांझ सजे, रंगों भरी रंगोली हो
गणेश लख्मी कृपा करें, दीप सजी एक थाली हो
कष्ट कटे पीड़ा हरे न मुठ्ठी, किसी की खाली हो
सबके ह्रदय स्वछ रहे, न जग में कोई बवाली हो
जीवन मे सुख शान्ति आये, खुशियों भरी दीवाली हो

