रोज़'s image
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कहते सुना है हमने, 
पहले वो तुम्हे रोज़ देगा,
फिर तुम्हारी रोज लेगा...
सच कहूं तो देखा है हमने, 
जहां स्वार्थ की खेती होती है
वहां मोहब्बत की बरसात कभी नहीं होती है
ये साँसे हैं तो उन्हीं की बदौलत
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