Poetry 1 min read 622.3K reads

निर्वस्त्र


खुद कि माँ, बहन, बिटिया घुंघट में अच्छी लगती हैपराईयों कि माँ, बहन, बिटिया निर्वस्त्र ही अच्छी लगती हैवाह रे दोगली दुनिया, तेरे विचारों को देख मेरा गिरगिट भी शर्माता है

Read more Earn more Learn more