माना कि अंधेरा घना है, पर सवेरा साथ है,
कुछ वक्त की तो बात है.. कुछ वक्त की तो बात है..
तु उठ, तु चल और लड़ अपनी खामियों से,
तेरे अंदर ही तो वो जज्बात है...
कुछ वक्त की तो बात है.. ×2
कांटों भरी डगर है,
तुझको अकेले ही चलना है,
इस राह का तु ही हमसफ़र,
हर मुश्किल से तुझको ही लड़ना है,
बाधाएं आयेगी, हिम्मत तेरी डगमगाएगी,
तेरे ही अंदर तुझको वो बार-बार हराएगी,
पर तू रूकना नहीं, झुकना नही, बस चलते जाना,
बाधाएं सारी पार हो जायेगी,
सुखे पतझड़ में कली, फिर खिल-खिलाएगी,
अंधेरे को चीरकर, फिर नयी किरण आयेगी,
और तेरी सफलता की चाहत ही, इकदिन तुझे सफल बनाएगी,
माना कि अंधेरा घना है, पर सवेरा साथ है,
तु यूहीं बढ़ता चल, रूकने की कहाँ बात है,
कुछ वक्त की तो बात है, कुछ वक्त की तो बात है..
# धन्यवाद#


