मेरी बेरहम सी भूख
मेरे आंखों के आंसू
मेरी मां का प्यार
और चूल्हे की आग
मिट्टी का चूल्हा
लकड़ी का ईंधन
मरती सी आग
और मां की सांसें
लाल आंखे
जलते हुए हाथ
मुंह पे कालिख
और माथे का पसीना
बाजरे की रोटी
नून तेल की सब्जी
जीवन की प्यास
और कुएं का पानी.
-आशीष पाण्डेय -


