क्या हुआ है, इन दिनों तुम्हेंजो इतना सताती होकहती नही कुछ भी, लेकिनमन में गुनगुनाती होआती हो कुछ पल के लिएसमंदर के लहरों सीथोड़ी खुशी के बाद, मुझेफिर तन्हा कर जाती हो
क्या हुआ है, इन दिनों तुम्हेंजो इतना सताती हो
कहती नही कुछ भी, लेकिनमन में गुनगुनाती हो
आती हो कुछ पल के लिएसमंदर के लहरों सी
थोड़ी खुशी के बाद, मुझेफिर तन्हा कर जाती हो