तसव्वुर


तू झरना बन जा मेरे पत्थर से दिल पर

फूल पत्ती शाख़ बन कर खिल जा मेरे दिल की दीवारों पर |


मैं खड़ा प्यास बुझाता रहूँ तेरी नज़रों के झरने से

लबरेज़ हो जाऊँ तेरी चाहत के झरने में |


पलकों के किनारे तू नींद बन जा

ख्वाब बनकर सो जा तू मेरी आँखों में |


उजाला बनकर बिछ जा मेरी निगाहों में

रात बनकर गुज़र जा मेरी आँखों से |