1 min read 805.9K reads

दुहायी


दुहायीइश्क़ ने दुहायी दी निगाहों ने कबूल कीइन दोनों की रिफ़ाक़त में ज़िन्दगी बर्बाद हुई |

मुझे तुझसे कितनी मोहब्बत है ये पता लगाने कोतसव्वुर में तुझे बुला कर तेरा नाम खुद से पूछ लेता हूँ |

— आशीष
Read more Earn more Learn more