दुहायीइश्क़ ने दुहायी दी निगाहों ने कबूल कीइन दोनों की रिफ़ाक़त में ज़िन्दगी बर्बाद हुई |मुझे तुझसे कितनी मोहब्बत है ये पता लगाने कोतसव्वुर में तुझे बुला कर तेरा नाम खुद से पूछ लेता हूँ |
दुहायीइश्क़ ने दुहायी दी निगाहों ने कबूल कीइन दोनों की रिफ़ाक़त में ज़िन्दगी बर्बाद हुई |
मुझे तुझसे कितनी मोहब्बत है ये पता लगाने कोतसव्वुर में तुझे बुला कर तेरा नाम खुद से पूछ लेता हूँ |