स्वस्थ कहे जायेंगे तब
आत्मास्थिति से रु-ब-रु,
हो जायेंगे जब,
जैविक तत्वो को
पहचान लेंगे हम,
दोष धातु अग्नि मूलाधार
जान लेंगे हम,
समवस्था में रहना
दीर्घायु का आचार,
सदवृत पालन,दिनचर्या
तेरे माणक तत्व
बिन तुम्हारे स्वास्थ्य का तनिक न महत्व,
समझ लेंगे यदि आत्मा, मन, इंद्रिय का सन्निकर्ष
आशवस्त करेंगे स्वास्थ्य के तख्तो ताज़ से अब

