मन के भावों को शबदों का रूप दे अंकनी ..... तन्हा की महफ़िल सजाने वाली अंकनी जनाब .... समझिये न इसे कमज़ोर फलक पे बिठाने वाली या फलक से गिराने वाली दोनो ही अंकनी ....