इस दौड़ती-भागती जिंदगी में,सुख औ दुःख आता-जाता है।इस मर्त्य लोक में शाश्वत सुख,जपना नित राधा-राधा है।।तू घबरा मत,बस हौसला रख,तो क्या जो भंवर में नैया है।जीवन में राह दिखाने को,योगेश्वर कृष्ण कन्हैया हैं।।
इस दौड़ती-भागती जिंदगी में,सुख औ दुःख आता-जाता है।इस मर्त्य लोक में शाश्वत सुख,जपना नित राधा-राधा है।।
तू घबरा मत,बस हौसला रख,तो क्या जो भंवर में नैया है।जीवन में राह दिखाने को,योगेश्वर कृष्ण कन्हैया हैं।।