ये जो तेरा नजरिया है,ये ही खुशी या गम का जरिया है।जो तंग हुआ तो पोखर है ,जो बह चला तो दरिया है ।।
ये जो तेरा नजरिया है,ये ही खुशी या गम का जरिया है।
जो तंग हुआ तो पोखर है ,जो बह चला तो दरिया है ।।