उनकी ख़ुशबू सी आती है आते जाते
दिल पे दस्तक दी जाती है आते जाते
कुछ मासूम आहट है वीराने में
एक ख़ामोशी सी बुलाती है आते जाते
दिल-ए-नादान तू सुनता क्यों नहीं
क्या मोहब्बत सताती है आते जाते
कुछ हवाएँ यूँ चलती हैं अब
कुछ मुज़्दा लाती है आते जाते
उस गली से कुछ इस क़दर गुज़रे हम
कोई ख़्वाब दिखाती है आते जाते


