तेरी यादो का सिलसिला कभी थमता क्यों नहीं ,तेरा जिक्र जेहन से निकलता क्यों नहीं .हर वक्त खोया रहता हूँ तेरी ही यादो में,कमबख़्त ये दिल भी संभलता क्यों नहीं..!
तेरी यादो का सिलसिला कभी थमता क्यों नहीं ,तेरा जिक्र जेहन से निकलता क्यों नहीं .
हर वक्त खोया रहता हूँ तेरी ही यादो में,कमबख़्त ये दिल भी संभलता क्यों नहीं..!