*इस चराग में जलता पतंगा क्या हसीन इश्क़ में होगा।
मैं रकीब किसी का, कोई मेरा रकीब भी होगा।
*लौह - ओ - कलम से जो काम करते हैं,
पामाल ही होते हैं जो कमाल करते हैं।
*ऐसे ही मुरझा जाते हैं, सेहराओ में दरख़्त।
जैसे धीरे - धीरे मर जाते हैं, तुझसे बिछड़े शख्स।
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