बेशक इश्क़ है , बस इकरार भी है,इश्क़ भी तुझसे, इकरार भी तुझपे,है सब कुछ तुम्हीं , खुदा गवाह है,नूर और जहां सब बरकत भी करूं,जाहां से छुपा के रखूं या दीदार ही करते रहूंईश्क मुर्शीद
बेशक इश्क़ है , बस इकरार भी है,इश्क़ भी तुझसे, इकरार भी तुझपे,है सब कुछ तुम्हीं , खुदा गवाह है,
नूर और जहां सब बरकत भी करूं,जाहां से छुपा के रखूं या दीदार ही करते रहूं
ईश्क मुर्शीद