हमारे हालात मजबूर जरूर है,
○लेकिन लाचार नहीं हैं,
○ख्वाब तो बहुत से हैं लेकिन हम इन सब चीजों जैसे नहीं हैं,
○हमारे हालात कुछ ऐसे है कि हम दर्सा नहीं सकते ,
○लेकिन हम प्रकट नहीं कर सकते,
○हमरे हालात मजबूर जरूर हैं, लेकिन
○लाचार नहीं हैं,
○
○हम लगते है ठीक पर होते नहीं हैं,
○लेकिन एयसा क्यों?
○पर हमारी नज़रों से सरा दुनिया खुशहाली, क्या हम खुश है?
○
○देखो सरा जहां एक ओर जहां एक ओर स्वयं?
○अब हालतों से भी अब नजर उठा नहीं सकते,
○गेरो सी जिंदगी में अब ख्वाब भी देख नहीं सकते,
○अ ब हालतों से डर नहीं लगता,
○अब ख्वाबों से डर नहीं लगता,
○हालतों से अब क्यों डरना जब हालात भी धुटकार कर चला जाता है,
○हैं हम मजबूर लेकिन ,लाचार नहीं हैं हम,
○एक आसमान बनाएंगे अपना ,हालतों के संग रहेंगे,
हालात चाहे कितने ही परीक्षा ले ले, फिर भी हालातो से हमे डरना नहीं चाहिए !
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