नज़र के सामने से एक चेहरा क्या गया है
दूर दूर तक कोहरा हो गया है
उसी कोहरे में साँसों का धुआँ मिल गया
साँसों का साँसों से मशवरा हो गया है
ये कोहरा, धुआँ जब उसकी नज़र की रोशनी में छन जाएगा
तो मुझे ऐसा लगेगा कि सवेरा हो गया है
देखो ! तुम्हारे आने से फ़र्क पड़ता है
आँख का वही ज़ख्म हरा हो गया है