इश्क़ और आशिक़ी मर गए
सुना तुमने....
वो जो बात करते थे
ज़माने की दीवारों को फांदने की..!!
खेतों की मेड़ों पर ही मर गए
इश्क़ कहता था...
बड़ा मजबूत हूँ मै...
वो सरिये की रॉड की
एक ही चोट में बिखर गया
हां मगर, गावँ वाले सब
बहुत खुश हैं...
भला 2 लाशों की सस्ती कीमत में
आजकल इज़्ज़त कहाँ बच पाती है
मगर आज सब बच गए
सुना तुमने....बहरो
इश्क़ और आशिक़ी मर गए !!!!