
यादों का सैलाब जब भी आता है।
किनारा नही ढूंढता दिल, डूबना ही भाता है।।
विरासत है तेरी यादें, ओ लम्हें, सभी वादे।
भला कब छोड़ते है, हस्ती को कोई भी शहजादे।।
जो बीत गयी सो बात गयी, सब लोग कहते है।
पपीहा क्यों विरह म
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