1 min read 794.2K reads

आवारा अल्फ़ाज़


ख्वाहिश ए दीदार में ग़ज़लें लिखता गया वोफिर लफ्ज़ दर -लफ्ज़ चेहरा बनता गया वो

अक्स आंखों के आईने में दुआ पलकों पे लेकेकाजलों के मार्फ़त कागज़ों पे उतरता गया वो

— अरविंद_आरु
Read more Earn more Learn more