ख्वाहिश ए दीदार में ग़ज़लें लिखता गया वोफिर लफ्ज़ दर -लफ्ज़ चेहरा बनता गया वोअक्स आंखों के आईने में दुआ पलकों पे लेकेकाजलों के मार्फ़त कागज़ों पे उतरता गया वो
ख्वाहिश ए दीदार में ग़ज़लें लिखता गया वोफिर लफ्ज़ दर -लफ्ज़ चेहरा बनता गया वो
अक्स आंखों के आईने में दुआ पलकों पे लेकेकाजलों के मार्फ़त कागज़ों पे उतरता गया वो