ख्वाहिश ए दीदार में ग़ज़लें लिखता गया वो

फिर लफ्ज़ दर -लफ्ज़ चेहरा बनता गया वो



अक्स आंखों के आईने में दुआ पलकों पे लेके

काजलों के मार्फ़त कागज़ों पे उतरता गया वो


-अरविंद_आरु