" अजीब फितरत है इंसान की एं -गालिबजब यहां थे तो हम अच्छे,अब कहीं और है , तो वो अच्छेहम बुरे हो गए। "
" अजीब फितरत है इंसान की एं -गालिबजब यहां थे तो हम अच्छे,
अब कहीं और है , तो वो अच्छेहम बुरे हो गए। "