कितनी बड़ी ग़लती हो गई है मुझसे

जो मैंने प्रेम सीखने में ज़िन्दगी गुजार दी

मुझे तो लड़ाई सीखने में परांगत होना था

मुझे रोज़ लड़ना पड़ता है हालातों से

मुझे अक्सर लड़ना पड़ता है खुद के जज्बातों से

पल पल लड़ता हूं अपने ही विचारों से

अपनों से लड़ना मेरी दिनचर्या में शामिल है

ना लड़ू तो रह जाती सूखी सारी महफ़िल है

सारी कशिश तो जीने में सिर्फ लड़ाई से है

वरना कौन है ऐसा शख्स जिसने

सिर्फ प्रेम करके जीने से पार पाईं है!!!



*शब्दाशं*