नारी से प्रेम स्वाभाविक है
नारी के प्रति आकर्षण प्राकृतिक है
नारी का पर्याय पत्नी से सम्बन्ध मर्यादित है
पत्नी से प्रेम शंकित है
यह सर्व विदित है
किन्तु मेरा प्रेम उस नारी से है जो पत्नी है
यह सर्वभोमिक है
आज उसके पर्दापण का दिन है
ह्रदय प्रसन्न चित्त है
इसमें लेशमात्र भी कोई नहीं भ्रमित है!!!
*शब्दाशं*
