दो विचारों के द्वंद में घिरा हुआ हूं
पहला विचार कि उम्र बढ़ रही है
दूसरा विचार है कि जीवन घट रहा है
दो ख़यालों में खलल पैदा हो गया है
पहले ख्याल कहता है अब थम जाओ
दूसरा ख्याल कहता है रफ़्तार बढ़ा दो
दो जज्बातों में मुझे जज करना है
पहले जज़्बात है बुद्धि को प्रयोग में लाओ
दूसरा जज्बा है बिंदास सबको गले लगाओ
दो राहों में से एक राह पर चलना है
एक राह कहती है अपने लिए जिओ
दूसरी राह कहती है अपनो के लिए जियो
दो मान्यताओं ने मुझे उलझन में डाल रखा है
एक मान्यता कहती है मोमबत्तियां बुझाओ
दुसरी मान्यता कहती है प्रेम के दीप जलाओ
दो वजहों से मैं जी रहा हूं
पहली वजह है कि चंद सांसें शायद शेष है
दूसरी वजह है कि तुम्हारी दुआएं बड़ी विशेष है!!!
दो कारणों से आप का धन्यवाद करना चाहता हूं
पहला कारण है कि शिष्टाचारी होना अति आवश्यक है
दूसरा कारण है कि धन्यवाद मैं नहीं मेरा दिल देना चाहता है!!!
