आजकल शोशल मीडिया में कैसे दौलतमंद बना जाए इसके लिए सैंकड़ों व्याख्यान आपको मिल जाएंगे वह कितने कारगर साबित होते है यह मेरा विषय नहीं है किन्तु वह लोकप्रिय अवश्य है कारण स्पष्ट है कि दौलत सभी को प्रिय है।

पुरुष हो स्त्री हो या तीसरा कोई वर्ग हो दौलत सभी के लिए लोकप्रियता में उच्चतम स्थान रखती है।

इतनी लोकप्रिय वस्तु पर जब मैंने एक अलग दृष्टिकोण से विचार किया तो मुझे कुछ अलग अनुभूति सी हुई और उसे मैंने फिर क्रमबध किया और अब आप सभी के साथ सांझा कर रहा हूं निवेदन है कि अपनी महत्वपूर्ण राय या टिप्पणी अवश्य करें ,आप का अहसान होगा।

l . दौलत दुनिया में सबसे ज्यादा  चाही जाने वाली प्रथम वस्तु है ၊

२. दौलत दुनिया में सबसे ज्यादा युद्ध करवाने वाली भी प्रथम वस्तु है ၊

3. दौलत उपयोग में कम और संजोयी आधिक जाती है ၊

4.दौलत और अकेलेपन में गहरी मित्रता होती है ၊

5. दौलत मित्रता की आपेक्षा शत्रुता को ज्यादा आर्कषित करती है ၊

6. दौलत से खरीदी गई वस्तुएँ जीवन में एक दिन व्यर्थ साबित हो जाती है ၊

7. दौलत ज्ञान खरीदने में असमर्थ होती है ၊

8.दौलत सबसे ज्यादा रिश्तो की हत्या करती है ၊

9. दौलत के पीछे भागना व्यर्थ है , दौलत पीछे भागे तभी सार्थक होती है ၊

I०. दौलत स्वाभिमान को घमण्ड में बदलने में माहिर होती है ၊

॥. दौलत नौकर बनकर कम और मालिक बन कर ज्यादा असर दिखाती है ၊

। २. दौलत दिल में रहे तो अमृत और दिमाग़ में रहे तो विष साबित होती है ၊

I३. भाग्य की अपेक्षा कर्म से प्राप्त दौलत अधिक सुखदायी होती है ၊

।4. दौलत संचय की अपेक्षा फैला देने से अधिक बढ़ती है ၊

। 5. दौलत का सही उपयोग अर्जित करने से अधिक कठिन होता है ၊

I 6. दौलत अगर राह में कैसे भी इन्सान को नजर आ जाए वह उसके मोह में आ ही जाता है ၊

I 7. दौलत की चाहत के कारण ही व्यक्ति विद्या ग्रहण करने में उत्सुक होता है ၊

I 8. दौलत के कारण ही जुर्म का जन्म होता है ၊

I 9. विरासत की दौलत से आलस्य के जन्म होने की सम्भावना अधिक बढ़ जाती है ၊

२O. गुमनाम तरीके से दौलत बाँटना कठिन होता है ၊

२l. गलत तरीके से अर्जित दौलत एक दिन व्यक्ति को आवश्यक रुप से स्वयं को अपमानित महसूस करवा देती है ၊


               "शब्दाशं"