
गले कटेंगे ,रक्त बहेगा ,खून की ये धरती होगी ।।
भूमी हमारी ना छोड़ी तो डूबी तेरी कश्ती होगी ।
अगर ना है समझ तो ना समझ ,तू ही तो भुगतेगा ।।
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गले कटेंगे ,रक्त बहेगा ,खून की ये धरती होगी ।।
भूमी हमारी ना छोड़ी तो डूबी तेरी कश्ती होगी ।
अगर ना है समझ तो ना समझ ,तू ही तो भुगतेगा ।।