इस दुनिया में करने ज़रूरी काम बहुत अभी बाक़ी है,,,, हाथो मे थमी क़लमो से बदलने निज़ाम बहुत अभी बाक़ी है,,, इल्म की रौशनी से सराबोर हो जाए ये चमन मेरा,,, जाहिलो की जहालत को दूर करने के इंतज़ाम बोहत अभी बाकी है,,, दिल में इमां लिए हुए ,, आँखों में ख्वाब बुलंदी के,,, हम लड़ते है दुनिया के ठेकेदारो से, इस हक़ के लिए पाबन्दी से , इन ठेकेदारों के करने एहतराम बहुत अभी बाकी है,,, न सोचो कि लिख कर ,थक कर ,हार जाएंगे हम बस युही,,,, एक क़लम और कागज़ से करने क़त्ले आम बहुत अभी बाकी है,,,, इस दुनिया में करने ज़रूरी काम बहुत अभी बाकी है,