तब जनवरी आती है!'s image
507K

तब जनवरी आती है!

बन ज्वाला तब जनवरी आती है,
फरवरी भी इतराती है,
मार्च में सब तय होता है,
अप्रैल में जो भी होता है।

मई ही फिर सिखलाती है,
जुनूं-ए-जून में दिल बहलाती है,
जुलाई ही भाती है मन को,
Read More! Earn More! Learn More!