हर बार दिखता है किनारा, हर बार करता है तु इशारा हर बार देता भी है सहाराबस फिर क्या एक नया किनारा एक नया इशारा फिर से तेरा ही सहारा ।
हर बार दिखता है किनारा, हर बार करता है तु इशारा हर बार देता भी है सहारा
बस फिर क्या एक नया किनारा एक नया इशारा फिर से तेरा ही सहारा ।