मत पूछ कैसे गुजरता है हर पल तेरे बिना
कभी मिलने की हसरत
कभी देखने की तमन्ना
इक तू है कि मिलता नहीं है
तेरे बिना मेरा मन लगता नहीं है
तुझे न देखू गर एक दिन ऐसा लगता है कि मुझमें सासें ही नहीं है।


मत पूछ कैसे गुजरता है हर पल तेरे बिना
कभी मिलने की हसरत
कभी देखने की तमन्ना
इक तू है कि मिलता नहीं है
तेरे बिना मेरा मन लगता नहीं है
तुझे न देखू गर एक दिन ऐसा लगता है कि मुझमें सासें ही नहीं है।