गा सकूं आपका नगमा वो साज़ कहां से लाऊं

सुना सकूं कुछ आपको वो अंदाज़ कहां से लाऊं

यूं तो चांदनी की तारीफ़ करना आसान है,

कर सकूं आपकी तारीफ वो अलफाज़ कहां से लाऊं।