हर क़दम पर एक इम्तहान है ज़िन्दगी ,
हर रंग से भरा एक समाँ है ज़िन्दगी ,
कुछ छूट गया तुमसे,कुछ हो गया तुम्हारा,
हर एक दर्द की ,इंत्हाँ है ज़िन्दगी ,
हर क़दम पर एक इम्तहान है ज़िन्दगी ,
डर नहीं तू राह से ,ठोकरें भी सीख है,
मखमली हों रास्तें,जो ज़िन्दगी ये भीख है,
गिरना और सम्हलना ही,विश्वास का प्रमाण है,
हार मे ही जीत का ,विधान है ज़िन्दगी,
हर क़दम पर एक इम्तहान है ज़िन्दगी ,