मुझे तुमसे कुछ कहना है..कुछ बताना है,तुमसे मिलना है और तुम पर अपना हक जताना है...मिलकर तुमसे कुछ बातें करनी हैं,यूँ हीं ढलती शामों में अनजान मुलाकातें करनी हैं,मिलेंगे जब..तो बस तुम्हे निहारना है,तकना है तुम्हे और खुद को तुम पर हारना है...
मुझे तुमसे कुछ कहना है..कुछ बताना है,तुमसे मिलना है और तुम पर अपना हक जताना है...मिलकर तुमसे कुछ बातें करनी हैं,
यूँ हीं ढलती शामों में अनजान मुलाकातें करनी हैं,मिलेंगे जब..तो बस तुम्हे निहारना है,
तकना है तुम्हे और खुद को तुम पर हारना है...