एक बार में क्यों नहीं सुनता,
बार-बार कहते नहीं बनता,
ले लो ले लो ले लो इंश्योरेंस।
अलग-अलग है सबका बीमा,
जैसी जरूरत वैसा बीमा,
करवा लो अपना तुम भी इंश्योरेंस।
कल कल कल कल क्यों करता है,
भविष्य का तू क्या ज्ञाता है,
अभी करवा लो अपना इंश्योरेंस।
"अपन" कह रहा अपना समझ कर,
अपना भी लो अपनों का भी,
सबका ले लो अभी इंश्योरेंस
