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अवाम


यूँ न रख दिल की बातनिखालिस हर जगहखरे बे - लाग किरदारसलीकों में कहाँ आते हैंकुछ मन में रखोकुछ इसलाह करोअसलियत की रिवायतेंअक्सरियत को कहाँ भाते हैं ?अन्विता

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