
नाम वे सारे जो कभी इस दीवार के भीतर रहे हों
या कभी सोचा जिसने भी कि ये दीवार ही न हो
सरहद के जैसे दुश्मन समझ जो कोई उस पार का हो
जो मेरी तरक्की से कभी जला हो, नाम वे सारे ही लिख दो.
जो इस पार से उस पार का जाने का सोचे
या उस पार से इस पार आने का भी सोचता हो
जो इसे दीवार न समझ,
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