तनख्वाह हज़ार खर्चे उससे पार
ख्वाहिशें लाख़ है कैसे होगा यार
चलो थोड़ा बचाते है.. ख्वाहिशों को दबाते है
दिल का मामला है ना.. दिल में ही छुपाते है
बच्चो को पढ़ाना है.. बड़ा इंसान बनाना है
तुम उम्र भर की कमाई बच्चों पर ही लुटाओगे
एक दिन वो पूछेंगे.. आपने मेरे लिए किया क्या है
उनके इस सवाल से सारी इज्जत गंवाओगे
सुनो तुम घबराना मत.. उन्हें अपना संघर्ष बताना मत
बस मुस्कुरा देना देखकर.. अपने फटे जूते दिखाना मत
वो भी एक दिन बड़े होंगे.. अपने पैरो पे खड़े होंगे
एहसास होगा उस दिन.. जब पांव में फटे जूते पड़े होंगे
चलो थोड़ा बचाते है.. ख्वाहिशों को दबाते है
दिल का मामला है ना.. दिल में ही छुपाते है
✍️~अनुराग
