आत्मा तक तो मनुष्य पहुंच ही नहीं पाते है !रटे रटाए तोते की भांति हृदय का दोष बताते हैंसत्य ये है, वे मनुष्यदिमाग की कारस्तानी को भूल जाते हैं।।
आत्मा तक तो मनुष्य पहुंच ही नहीं पाते है !रटे रटाए तोते की भांति हृदय का दोष बताते हैं
सत्य ये है, वे मनुष्यदिमाग की कारस्तानी को भूल जाते हैं।।