उड़ान's image
पंखहीन मैं उड़ रही हूँ कल्पना की उड़ान शब्दहीन मैं उड़ रही हूँ कल्पना की उड़ान आह, कितना सुन्दर अनुभव है सिर्फ , मैं हूँ और मेरा दर्शन है , बस, अपने भावों का प्रदर्शन है ..... कल्पना की कूची से शब्दों का रंग बिखेरती जो न जाना किसी ने उन भावों को कुरेदती,..... न कोई संकोच , न कोई दुविधा, अपने शब्दों से लिपटती......... दबे -दबाए, गड़े- गड़ाए कई भावों को समेटती न किसी का भय न किसी की च
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