"जब टूटता दिल हैं 
तो मानो बिखरता हैं 
कुछ अंदर 
जो संवर नहीं सकता
 
उठता हैं बवंडर 
जो ठहर नहीं सकता
और लगता है
हर पल पहर 
मानो कट नहीं सकता
और स्थिर सा रहता हैं 
दुख 
जो मानो बंट नहीं सकता"

कुछ यूँ ही होता है शायद दिल का टूटना