है दिल की सरहदों में प्यार का किलाशामिल,नफ़रतों से जंग जीतकर किया हासिल,है तमन्ना कि द्वेष के दुर्ग को मैं नष्ट करूँ,और स्नेह बाँटने के मैं बनूँ काबिल |