हां ! हां !

मैंने संघर्ष को जिया है, गरीबी का घूंट पिया है 

परंतु यह भी सच है,

मैंने इस संघर्षमयी जीवन को सहर्ष जिया है।

जीवन में आंधी है, तो तूफान भी है ,

जीवन मे धूप है, तो छाव भी है

दिल मे फुल भरे गुलदस्ते है, 

तो मन मे दुख भरे घाव भी है

फिर भी मै खुश हूं ।

क्योकिं इस संघर्षशील जीवन को जीने के लिये, 

माँ का आशीष है, 

तो ईश्वर की करुणारुपी नाव भी है

'अनुप 'दोस्तो मे हँसा है, 

तो अकेला माँ की याद मे भी रोया है ।

लेकिन फिर भी, 

ये जीवन मैने सहर्ष जिया है ।

जीवन मे वृक्ष की तरह पतझड़ है, 

तो सावन की हरयाली भी है

कही सूर्यास्त का अन्धेरा है,

तो कही सूर्योदय की लाली भी है।

पिता की डांट है, तो माँ का प्यार भी है।

माँ की ममता है, तो पापा की ललकार भी है

जीवन मे ये सब है, तभी तो 'अनुप सरकार' भी है।


कुछ इसी तरह इस जीवन को हँसते खेलते जिया है ।

मैने इस संघर्षशील जीवन को सहर्ष जिया है ।