15 अगस्त वो आजादी का जश्न

 

दिन था वो १५ अगस्त, थी जब मिली हमें आजादी।

२०० सालो तक ब्रिटिश सरकार ने की थी यहीं बरबादी।।

एक लम्बा संघर्ष हुआ था कुरबानियो से भरी थी कहानी।

मुश्किलों से मिली आजादी की दास्तान सबको थी आज सुनानी।।...१


आराम और जीवन के सुख त्याग ये दिन दिखलाया।

हर धर्म, जाति, रंग और नस्ल ने मिल कर साथ निभाया।।

इसको पाने की ख़ातिर क्रांतिकारियों ने जीवन का मोल चुकाया।

गाँधी जी, भगत सिंह जैसे कई हस्तियों ने अपना सब दाँव लगाया।।...२


महिलाओं ने भी इस जंग में कंधे से कंधा मिलाया।

अरुणा आसफ अली, विजय लक्ष्मी जैसी कई नामों का जिक्र समाया।।

जेल गये, लाठिया खायी और गोलियों के आगे ना सिर झुकाया।

आंदोलन पर आंदोलन और अंग्रजो को देश से निकाल भगाया।।...३


आजादी के उत्सव को सब आज यही मिल के मनाते हैं।

तोपों से सलामी देते हैं और राष्ट्रीय ध्वज यहीं फहराते है।।

क्रांतिकारियों के जीवन की गाथा जब पड़ते या सुनते हैं।

शहीदों के प्रति श्रद्धा से भरा मस्तक अपना झुकाते है।।...४


कई साल गुजरे आजादी के बाद ये लोगो में अंतर आया।

आज सभी ने ज़ेहन में आजादी का मतलब भुलाया।।

अपने मतलब की ख़ातिर देश को आज दाँव पर लगाया।

भूल संस्कृति और सभ्यता अपनी, पश्चिम दिल में समाया।।...५


जानो सत्य, इस देश को लोगो से महान बनाना हैं।

लोगो को आजादी का सही मतलब समझाना हैं।।

देश सभी से पहले हैं ये हर दिल में राग जगाना हैं।

हम महान बन गए यदि, देश खुद महान बन जाना हैं।।...६

 

---अनुज गुप्ता

बरेली (उत्तर प्रदेश)

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