
ईमानदार होना बस इतना ही सच है
जब तक पकड़े ना जाना
और एक नेता का ईमानदार होना उतना ही सच है
जितना की एक वैश्या का वर्जिन होना
भ्रष्टाचार उतना ही बड़ा है
जितना की ईमानदारी का ढोंग
सच्चाई, ईमानदारी, वफादारी आज सिर्फ
बेईमानों, चोर - उच्चकों, नेताओं का गहना है
सच्चाई खुद सच की तलाश में है
वफा को अब आस नहीं सनम और माशूका की
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