"मैं कभी रुका नहीं" मैं कभी रुका नहीं यू ही चलता गया लाख कोशिशो के बावजूद मिली सफलता लेकिन मैं कभी थका नहीं मैं कभी रुका नहीं , यू ही चलता गया राह में आती रही परेशानियां अनेक सब मुश्किलों को आसा करते हुए मैं यू ही चलता गया बनाता रहा मैं खुद ही अपनी राहे परेशानियों को चीर हर मुकाम को पाता रहा जब-जब भी छाये परेशानियों के बादल मैं साँझ बनकर गाता रहा मैं कभी रुका नहीं यू ही चलता गया - अनुज पारीक