तेज़ रफ्तार में गाड़ी चलाते हुए अमीर घर की औलादे परिचय देती हैं अपनी दौलत का.

उन्हें नहीं होती किसी की परवाह

ना गरीब की, ना वृद्ध आंखों की.

और न जाने कितनी उम्मीदें, आशाएं, सहारा कुचल देती हैं।